Wednesday, 1 April 2020

जीवनसाथी......☺☺☺☺

जीवनसाथी...जिंदगी सारे रिश्ते हमे जन्म से मिलते है,सफर के एक मोड़ पर हम इक रिश्ता अपने लिए चुनते है,या यूं कहें कि पहले से बने होते है ये रिश्ते...इक ऐसा रिश्ता जो बहुत दूर होकर भी सबसे करीब हो जाता है...जिंदगी का सबसे जरूरी और सबसे खास रिश्ता होता है...हमारा जीवनसाथी... जिसके ख्याल भर से ना जाने कितने ख्वाब सज जाते है,जिसके सिर्फ साथ भर हर मुश्किल आसान हो जाती है....जिसके साथ जिन्दगी हर रंग-रूप में खूबसूरत लगती है...जीवन का एक मात्र शख्स जो हमे ये एहसास दिलाता है कि कैसे किसी का दर्द-खुशी हमारी अपनी हर बात से ऊपर हो जाती है...सिर्फ एक उसकी मुस्कराहट हमारी हर खुशी की वजह बनती है...जीवनसाथी की नींव जितनी मजबूत होती है,उतनी ही कमजोर...कभी बड़ी-बड़ी बातें भी इस नींव को हिला भी नही पाती, तो कभी जरा सी बाती पर दरारे पड़ जाती है...कभी किताबो में पढ़ा था या सुना था कि जीवनसाथी से एक ऐसा रिश्ता बन जाता है जो दर्द किसी एक हो तो दूसरे को उतनी ही तकलीफ होती है...तुम्हारे साथ हमने ये एहसास भी किया है...सात वचनों का तो नही याद पर एक वचन मैं हमेसा निभाऊंगी,तुम गलत हो या सही...मैं हमेसा तुम्हारे साथ खड़ी हूँ,...तुम्हारे जीवन के हर यज्ञ में मैं आहुति बन कर उसे सफल और पूर्ण करूंगी...#आहुति#

बस यूँ ही कभी-कभी सोचती हूँ....!!!

जब खाली समय मिलता है जो सिर्फ अपना है..जी करता है जीभर रो लूँ...सब निकल दूँ गुबार सारे दिल के....तब सोचती हूँ,सिर्फ अपने बारे में...कई बार यूँ लगता है कि जैसे खो दिया खुद को..सबको खुश-खुश रखते-रखते..इक पल ही ख्याल ये भी आता है सभी रिश्ते बईमानी लगते है...एक लड़की होने के नाते बहुत कुछ भूलने और इग्नोर करती हूं,सिर्फ इसलिए कि जीवन मे सुकून रहे,पर ये भी गलत..जिस सुकून को मैं चाहती हूँ,वो सुकून मेरे अंदर बहुत बड़ा तूफान समेटे होता है,जो बाहर से एकदम शांत और अंदर से बवंडर से कम नही होता.. एक लड़की शादी के बाद जिंदगी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाती,दो परिवार जिनकी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती है...हर कोई कहता है मायका और ससुराल में क्या फर्क है,हम बेटी की तरह रखेंते है...पर एक संकोच हमेसा लड़की के दिल रहता है और रहेगा भी की ये उसका मायका नही ससुराल है...खुद को ताक पर रख एक रिश्ते से जुड़ कर उससे जुड़े हर रिश्ते को निभाती है.. मै जानती हूं कि कोई लड़की परफेक्ट तो नही हो सकती पर पराये घर आई लड़की कभी किसी को तकलीफ भी नही देना चाहती  है....मुझे याद बचपन मे मां कहा करती थी कि ये तुम्हारा घर नही है..तुम्हारा घर तुम्हे शादी के बाद मिलेगा...पर सच्ची कहुँ घर तो मेरा वही था,जहां मेरी मर्जी,मेरी खुशी, लड़ना-झगङा सब शामिल था,रिश्ते दिल के थे,दिमाग नही लगाए जाते जाते थे,अपना-पराया कुछ नही था जो था हमारा था....किसी से कुछ भी ले लो,कुछ कह दो कोई फर्क नही पड़ता था बस प्यार होता था...हाँ वही घर था मेरा....कोई शिकायत नही है किसी से...बस यूँ ही कभी-कभी सोचती हूँ....☺#आहुति#

Saturday, 28 December 2019

शादी की डायरी.. !!! मेरे नाम संग तुम्हारा नाम होना...!!!

मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सनम. तेरे नाम से शुरू.. मेरे नाम पर खत्म...... # आज हमारी शादी के कार्ड छप गए..कार्ड पर मेरे नाम के साथ तुम्हारा नाम देखा...अचानक से ये गाना याद आ गया....ना जाने कितनी दफा तुम्हारे नाम के साथ अपना नाम जोड़ा होगा.. पर जो आज महसूस किया..वो शब्दो में कभी नही लिख पायी हूँ...एक अधिकार, एक विश्वास...क्या कहूँ.. एक हल्की सी सिरहन तुम्हारे नाम के साथ मेरे जहन में दौड़ गयी...ऐसा लगा बहुत दूर चलते-चलते कही रुक गयी....कि दिल ने कह दिया कि बस अब कुछ नही चाहिए.. कोई ख्वाइश नही...इक तुम्हारे साथ के सिवा...आज समझ आया कि एकदम से सब कुछ अच्छा कैसे लगने लगता है.. सारे रंग खूबसूरत लगने लगते है...सब कुछ मुमकिन लगता है... पता नही....कैसे सब खुद-ब-खुद लिखता जा रहा है...सोच तो रही थी कि तुम्हे सामने बिठा कर बताऊंगी...पर धड़कने है कि थमती ही नही...ऐसा लगता है बस दिल बैठ जाएगा...और मैं कुछ नही कह पाऊँगी..... पर तुम मुझसे छुप कर मुझको पढ़ लेना...और सुन लेना...ये जिंदगी भी...मेरे नाम से शुरू तेरे नाम पर खत्म......☺

Monday, 2 December 2019

शादी की डायरी....कुछ यूं शरू सिलसिला हुआ.. !!!

कुछ कहुँ तुमसे....तुम कुछ बदले से लगते हो.
पता नही पर पहले से ज्यादा,
या यूं कहुँ कि सिर्फ मेरे अपने से लगते हो...
वक़्त तो पहले भी गुजारा है तुम्हारे साथ,
पर अब जो साथ होते हो,बहुत खास से लगते हो....
ना कब से पर अब...
तुम्हारा अधिकार सा मुझ पर लगता है...
कुछ बढ़ से गया है या..
गहरा हो गया प्यार सा लगता है...
अब रंग सारे तुम्हारे मुझे भाते है,
रिश्ते सभी तुम्हारे मुझे जिंदगी जीना सिखाते है..
बस सोच में तब से.. कि मैं निभा पाऊंगी..
यकीनन तुम जो साथ होते हो तो,
कुछ नामुमकिन नही लगता है....!!!

Tuesday, 19 November 2019

ये गुजरता हुआ वक़्त...!!!

शादी एक ख्वाब....
जिंदगी की नई शुरुआत..
और तब और भी खूबसूरत,
जब खुद की मर्जी भी शामिल होती है....
इक मुस्कराहट, इक चमक,धड़कता दिल,
घबराती सांसे....ऐसा ही कुछ होता है....
जिम्मेदारियां, नए रिश्तो को संजोने की ललक....
मैं तो इन सब के लिए तैयार हो गयी हूँ,
या यूं कहुँ तुम्हारे साथ के साथ सब कर लुंगी,
निभा लुंगी...ये यकीन है ये शादी.....
पर शायद तुम बिखरे हुए हो,
जिंदगी को हम समेटने जा रहे है,
जो भी बिखरा हुआ है,
उसे व्यवस्थित करने जा रहे है...
पर तुम ना जाने किन उलझनों में उलझे से हो,
मेरा साथ तो थाम लिया है..
पर शायद इस रिश्ते पर यकीन नही कर पा रहे हो,
या डरे हो उस आने वाले पल से....
मेरा हाथ तो पकड़ लिया है,
पर हाथ पकड़ चलने में डर रहे हो,
डर रहे हो कि कैसे जिंदगी खूबसूरत होगी,
या नही होगी...तुम वो सब सोच रहे हो,
जो हुआ ही नही,और शायद होगा भी नही...
बस उलझे जा रहे हो,
यूँ खुद की बनाई उलझनों में...
अभी भी वक़्त है,
जिंदगी के खूबसूरत पलो को जी भर जी लो...
ये उलझने तो यूँ ही बनी ही रहेंगी....
नही रहेगा तो बस ये गुजरता हुआ वक़्त...!!!

Monday, 9 September 2019

मेरी सारी उपलब्धियां तुम्हारी हो....!!!

इक कहानी सिर्फ तुम्हारी मेरी हो...
जिसमे तुम हँसते हो तो,मैं हँसती हूँ,
तुम उदास जो हो..तो मैं भी उदास होती हूँ...
इक लम्हा सिर्फ तुम्हारा मेरा हो,
जिसमे तुम गुनगुनाते हो,
तो मैं तुम्हारा संगीत बन जाऊं,
इक नजारा सिर्फ तुम्हारा मेरा हो,
तुम्हे देखती वो नज़र मैं बन जाऊं...
इक रस्म सिर्फ मेरी और तुम्हारी हो,
राह चाहे कोई भी हो,सफर कैसा भी हो,
तुम आगे जो चलो,तुम्हारा हाथ थाम कर,
तुम्हारे साथ मैं भी चलूँ..
इक वादा सिर्फ मेरा और तुम्हारा हो,
वक़्त चाहे जैसा हो,हालात चाहे जैसे हो,
ना मैं तुम्हारा साथ छोडूं,ना तुम्हे खुद से दूर जाने दो... इक एहसास सिर्फ मेरा और तुम्हारा हो,
किसी भी दुख में हम इक दूसरे को,
सांत्वना दे सके या नही,
पर साथ बैठ कर जी भर रो कर..
इक-दूजे को सम्हालते रहे...
इक कसम सिर्फ मेरे और तुम्हारी हो,
छोड़ कर एक-दूसरे का साथ,
हम कभी जाए..
सांसे जितनी भी इक-दूजे के जीवन से बंधी रहे..
पर हाँ एक बात सिर्फ मेरी हो,
तुम्हारे सारे दुख,तुम्हारी सारी असफलताएं,
तुम्हारी हर कमजोरी मेरी हो...
मेरी सारी खुशियाँ,
मेरी सारी उपलब्धियां तुम्हारी हो....!!!

Wednesday, 14 August 2019

तुम्हारा जन्मदिन मेरे लिए....!!!

तुम्हारा जन्मदिन मेरे लिए,
इक उत्सव की तरह होता है..
सूरज तो रोज़ की ही तरह निकलता है ,
पर आज कुछ अलग सा महसूस होता है...
सभी रंग कुछ अलग निखर कर दिखते है..
सब कुछ होता तो और दिनों की तरह पर
तुम्हारा जन्मदिन मुझे नाचने,
मुस्कराने कुछ अलग सा करने को मन करता है..
क्यों दीवाली की तरह दीपो की लड़ी लगा दूँ..
रौशन तुम्हारा हर दिन हो ,
हर दीपक तुम्हारे नाम के सजा दूँ...
मुस्कराहटें तुम्हारे होठो पर,
सारी दुनिया की सजा दूँ..
मुमकिन हो तो अपनी जिंदगी का हर दिन तुम्हारे जन्मदिन के साथ जोड़ दूँ...
उम्र तुम्हे लग मेरी भी,
दुआए सारी तुम्हारे लिए मांग लूं...!!!