Saturday, 7 April 2018

खुद को हार कर जीत लिया है...!!!

इक बार मैं फिर उसे समझा रही थी,
तुमने उसे सालो दे दिए,
फिर भी उसे समझ नही पायी हो..
किसी ने उसे अपने लम्हे दिए,
और तुमसे ज्यादा वो उसे समझती है...
क्यों कि तुम उसका सहारा बनना चाहती थी,
और वो उसका हर कदम साथ देना चाहती है..
जाने कैसे तुम उसकी आँखों मे,
वो खुशी नही देख पा रही हो,
जो अब उसकी आँखों मे,
उसके साथ के साथ दिखती है..
तुममे और उसमें सिर्फ फर्क है इतना,
तुम जीत कर उसे जीतना चाहती हो,
और उसने खुद को हार कर,
उसे जीत लिया है..!!!

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