Thursday, 15 March 2018

हाँ तुम नही हो...!!!

हाँ तुम नही हो,फिर भी तुम्हारा एहसास ,
इस जगह में है..
तुमने कितने करीने से,
चीजो को समेट कर रखा है,
और मैं फिर बिखेर कर समेटती हूँ,
तुम्हारे हाथों से छू कर रखी चीजो में,
तुम्हारी छुअन का एहसास महसूस करती हूं,
हाँ तुम नही हो...!!!

1 comment:

  1. बहुत सुंदर भावपूर्ण पंक्तियाँ

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