Wednesday, 17 January 2018

मैं पता तुम्हारा बता देती हूँ...!!!

कोई जो पूछे कि जीवन क्या है,
मैं नाम तुम्हारा बता देती हूं...
कोई जो पूछे कि दर्पण क्या है..
मैं आँखे तुम्हारी बता देती हूं..
कोई जो पूछे कि सुर क्या होते है,
मैं बाते तुम्हारी कह देती हूं..
कोई जो पूछे साथ क्या होता है,
मैं हाथ तुम्हारा थाम लेती हूं..
कोई जो पूछे क्यों तन्हाई में,
यूं ही मुस्कराती हो तुम,
मैं वजह तुम्हे बता देती हूं...
कोई जो पूछे पूजा क्या होती है,
आराध्य तुम्हे बता देती हूं...
कोई जो पूछे मंजिल कहाँ है तुम्हारी,
मैं पता तुम्हारा बता देती हूँ...!!!

4 comments:

  1. बहुत बढ़िया

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  2. निमंत्रण :

    विशेष : आज 'सोमवार' १९ फरवरी २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच ऐसे ही एक व्यक्तित्व से आपका परिचय करवाने जा रहा है जो एक साहित्यिक पत्रिका 'साहित्य सुधा' के संपादक व स्वयं भी एक सशक्त लेखक के रूप में कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। वर्तमान में अपनी पत्रिका 'साहित्य सुधा' के माध्यम से नवोदित लेखकों को एक उचित मंच प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

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