Sunday, 19 March 2017

वो प्यार तुम हो...!!!

मेरी मुस्कराती आँखों की,
वजह तुम हो,
मेरी खनकती चूड़ियों की,
सरगम तुम हो,
मेरी पायलों की,
छ्म-छ्म तुम हो...
ढलती शामो को,
सिंदूरी करते तुम हो...
जागती आँखों का इंतजार लिये,
वो राते तुम हो...
जिन ख्यालो से बढ़ जाती है,
धड़कने मेरी...
वो बाते तुम हो,
दर्पण में जो देखती हूँ...
खुद को यूँ बार-बार...
मेरा वो श्रृंगार तुम हो,
दुनिया को जो दीखता है..
मेरी आँखों में...
वो प्यार तुम हो...!!!

3 comments:

  1. Sunder lines...
    Mere blog ki new post par aapka swagat hai...

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (21-03-2017) को

    चक्का योगी का चले-; चर्चामंच 2608
    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  3. EXPOSE THE CONSPIRACY! GOD AND THE DEVIL ARE BACKWARDS!! DON'T LET GUILT-FEELINGS, FEAR AND OTHER KINDS OF EMOTIONAL MANIPULATION RULE YOUR CHOICES IN LIFE!!

    http://joyofsatan.org/
    http://exposingchristianity.org/
    https://exposingthelieofislam.wordpress.com/
    http://www.666blacksun.net/

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