Wednesday, 1 February 2017

फिर वही गुलाबो के महक...फिर वही फरवरी है....!!!

जब तुम्हारा दर्द मेरी आँखों से बहने लगा,
तब लगा सिर्फ दिल ही नही,
मन भी जुड़ गया है तुमसे...
और जब चंचल मन,
दौड़ता-भागता मन,
कही किसी पर ठहर जाये तो,
बात सिर्फ दिल से दिल की नही रह जाती,
जिंदगी  से साँसों की,और
साँसों की तुमसे हो जाती है..
मेरी साँसों में तुम्हारी खुश्बु बिखरी,
कि फिर वही माह-ए-फरवरी है...

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