Friday, 30 December 2016

साल बदल रहा है...!!!

मैं क्या जानूँ की कौन सी तारीख है,
क्या पता कि साल बदल रहा है...
मुझे तो तुम्हारी आँखों के बदलते,
अंदाज़ याद रहते है...
जो पल-पल कहती है कि,
तुम किस बात से नाराज होते है,और
कौन सी बात तुम्हे नही भाती..
मुझे तो याद रहते है,
तुम्हारी जुबां के को स्वाद,
जो मैं हर रोज तुम्हारे लिए,
रेसिपी बदल-बदल कर,
तुम्हारे लिए कुछ नया बनाती हूँ...
मुझे तो याद रहती है,
हर रोज बदलती तुम्हारी...
वो शरारत भरी वो बाते,
जो ना जाने कहाँ से सीख कर आते हो....
मैं क्या जानूँ की कौन सी तारीख है,
क्या पता कि साल बदल रहा है..
पर हाँ मुझे याद रहती है,
कैलेंडर की कुछ तारीखे,
जो कभी नही बदलती,
जिस दिन तुम इस दुनिया में आये,
जिस दिन मैं तुमसे मिली थी,
यही कुछ तारीखे है,
जो मेरे लिए कैलन्डर होती है,
मैं पूरा साल इन्ही तारीखों में,
पल,लम्हे,साल,सदियां,...
बदलते देखती हूँ.....!!

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