Tuesday, 22 July 2014

तुम भी अपना ख्याल रखना..................!!!

मैं जा रहा हूँ पता नही फिर...                       
कब बात हो अपना ख्याल रखना.....!!
यही कुछ आखिरी शब्द थे....
तुम्हारे जो मेरे इनबॉक्स में........ 
तुमने लिख कर छोड़े थे...
उस दिन से आज तक.....
कितनी बार मैंने इनको पढ़ा है...
इक-इक शब्द जैसे...
दिल में गढ़ गये हो......
जितनी बार इन शब्दों को पढ़ती हूँ.....
ऐसा लगा कुछ अधूरे से लगे....
जैसे तुम कुछ और भी कहना चाहते थे.....
अगर मैं होती...
इक कसक सी दिल में.....
तुम ले कर चले गये................!
वैसे तो मैं हर रोज़.....
तुम्हारा इन्तजार करती थी....पर 
उस दिन चूक गयी....
मैं क्यों नही थी....?
जब तुम जा रहे थे......
बार-बार उस इनबॉक्स में पड़े..
मैसज को पढ़ मैं सोचती हूँ..............
मैं तुमसे क्यों नही कह पायी कि ...............
मैं तुम्हारा इन्तजार करुँगी.......
तुम भी अपना ख्याल रखना..................!!!
क्यों नही कह पायी........?
कुछ अधुरा सा अनकहा......
तुम लिख कर छोड़ गये......
कुछ अधुरा सा अनकहा ......मेरे दिल में रह गया.......????

19 comments:

  1. एक अच्छी भावप्रधान रचना है !

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  2. बहुत सी बातें समय गुज़र जाने के बाद बस पछताए का एहसास कराती हैं ... एक बड़ा सा काश सामने आता रहता है अक्सर ....

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  3. कुछ लम्हे लौट कर नहीं आते जब अनकहा कहा सुना जा सकता था .
    भावपूर्ण !
    शुभकामनाये !

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  4. अधूरा ही रहता है प्रेम..यही उसकी पहचान है..

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बृहस्पतिवार (24-07-2014) को "अपना ख्याल रखना.." {चर्चामंच - 1684} पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. बहुत ही खुबसूरत लिनक्स दिए है आपने....मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार

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  6. बेहद उम्दा और बेहतरीन ...आपको बहुत बहुत बधाई...
    नयी पोस्ट@मुकेश के जन्मदिन पर.

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  7. प्रेम में बहुत कुछ अनकहा रहा जाता है यही इसकी खासियत है |

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  8. सोचा की बेहतरीन पंक्तियाँ चुन के तारीफ करून ... मगर पूरी नज़्म ही शानदार है ...आपने लफ्ज़ दिए है अपने एहसास को ... दिल छु लेने वाली रचना ...

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  9. मेरे मेल मं आया आपका कमेंट चर्चा मंच पर लगा दिया है।
    --
    अच्छा लिखत हो आप।
    --
    शुभागमन।

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  10. भावमय करते शब्‍द .....

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  11. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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  12. अति सुन्दर.......

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  13. यह अधूरा अनकहा चुभता रहता है किसी टूटे शूल की तरह।

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  14. बहुत सुन्दर रचना .....

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