Thursday, 13 February 2014

Happy Valentine day ..दिन प्यार के चलने लगे है...!

तुमसे प्यार हुआ तो,                                 
प्यार के कई रंग.. 
मिल गये हमें...
मौसमों के कई,
रंग मिल गये...!

गुलाबो का भी,
सबब मिल गया...
तुम जो मिले ...
मेरे इंतजार को 
अर्थ मिल गया......!

आँखों को पढ़ने का 
हुनर मिल गया.....
तुम जो मिले.... 
मेरी ज़िंदगी को,
सफ़र मिल गया......!

धड़कनो को अपनी,
हम भी सुनने लगे....
तुम जो मिले ....
तुम्हारी बांहो में..
गिरने और संभलने लगे.....!

तुमसे अनदेखी डोर से बंधने लगे...
तुम जो मिले.....
वादे और कसमो,
को समझने लगे....!

एहसासो को शब्दो में,
हम उतारने लगे ....
तुम जो मिले ....
खतो को छुप-छुप कर,
हम भी पढ़ने लगे है.....!

प्यार से जिंदगी में,
रंग भरने लगे है...
तुम जो मिले ...
तुम्हारी साँसों के साथ..
हम भी जीने लगे है...! 

धड़कने तेज हो गयी  है ..
दिन प्यार के चलने लगे हैं..!

19 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज शुक्रवार (14-02-2014) को "फूलों के रंग से" ( चर्चा -1523 )
    में "अद्यतन लिंक"
    पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    प्रेमदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बहुत सुंदर... प्रेम के कोमल अहसास.लिए सुंदर रचना ..

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  3. आज पूर्णाहुति पर प्रेम के रंगों से पूर्णत: सराबोर रचना...

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  4. बहुत ही सुन्दर रचना....
    :-)

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  5. सुन्दर. अति सुन्दर.

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  6. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति ..

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  7. सुन्दर उद्गार ह्रदय के.

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  8. नाज़ुक से एहसासों सी अभिव्यक्ति ......

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  9. ऐसा ही है प्यार..

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  10. हार्दिक शुभ कामनाएँ

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  11. बहुत सुन्दर रचना। बहुत पहले एक गीत सुना था " तुम क्या मिले , प्यार जिंदगी से हो गया ", उसकी याद दिल दी।

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  12. शुभकामनायें आपको !

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  13. सुन्दर रचना

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  14. आँखों को पढ़ने का
    हुनर मिल गया.....
    तुम जो मिले....
    मेरी ज़िंदगी को,
    सफ़र मिल गया......!

    प्रेम का अहसास ही कुछ ऐसा है....शानदार रचना।।।

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  15. गुलाबों का भी,
    सबब मिल गया...
    तुम जो मिले ...
    मेरे इंतजार को
    अर्थ मिल गया..

    कोमल भावनाओं की सहज-सुंदर अभिव्यक्ति।

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  16. आँखों को पढ़ने का
    हुनर मिल गया.....
    तुम जो मिले....
    मेरी ज़िंदगी को,
    सफ़र मिल गया......!

    प्रेम से लवरेज़ सुंदर रचना।।।

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  17. prem ras se bhari rachna

    shubhkamnayen

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