Sunday, 29 December 2013

मैं और भी निखरती रही........!!!

साल-दर-साल गुजरते रहे...                      
हम  गिरते रहे सम्हलते रहे, 
यादो के धागे टूटते रहे बंधते रहे.... 
उम्मीदो के सूरज छिपते रहे,
निकलते रहे...... 
कभी मंजिले दूर होती रही,
कभी सिमटती रही.... 
वक़्त के हालातो से मैं टूटती,
और बिखरती रही..... 
गुजर गया ये साल भी, 
गुजरता हर लम्हा मुझे और भी,
कठोर बनाता रहा.... 
इन्ही विपरीत हालातो से,
मैं और भी निखरती रही.... 
साल तो यूँ ही बदलते रहंगे, 
हमारे ठहरने से कुछ भी ठहरेगा नही...
पर हां हमारे बदलने से,
हालत बदल सकते है...... 
कब तक हूँ ही शिकवे शिकायते,
हम खुद से औरो से करते रहंगे.... 
इस बदलते वक़्त के साथ,
हमको भी कुछ बदलना होगा..... 
वक़्त के सांचे में खुद को ढालना होगा 
राहे कितनी भी मुश्किल हो,
मुश्किलो को हल करना होगा...... 
मैं खुद हर बार इन्ही उमीदो के सहारे,
लड़ने के लिए खड़ी करती रही....
इन्ही विपरीत हालातो से,
मैं और भी निखरती रही........!!! 

17 comments:

  1. खुबसूरत प्रेणनामत्क रचना है .. विपरीत हालातों में भी निखरने की चाह है खूब है यूँही लिखते रहिये और लिखते रहिये .. नववर्ष की मंगल कामनायें !!

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  2. विपरीत हालातों से जूझते हुए निखरना...

    यही हासिल है!

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  3. भावों को ख़ूबसूरती से प्रस्तुति करती सुंदर रचना...!
    Recent post -: सूनापन कितना खलता है.

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  4. बहुत सुन्दर रचना...
    नया साल खुशियों की मीठी सौगात लाये यही शुभकामना है...
    अनु

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  5. विपरीत परिस्थितयां चार्टर निर्माण करतीं हैं...

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  6. इन्ही विपरीत हालातो से,
    मैं और भी निखरती रही......सही कहा....विपरीत हालात निखरने का रास्ता दिखाती है
    ......!..सुन्द्रर भाव..

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (30-12-13) को "यूँ लगे मुस्कराये जमाना हुआ" (चर्चा मंच : अंक-1477) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  8. बहुत सुन्दर भाव अभिव्यक्ति

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  9. हम बदलेंगे जग बदलेगा....सुंदर संदेश !

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  10. बहुत सुन्दर ... हालात बदलने जरूरी हैं ...
    नव वर्ष की मंगल कामनाएं ...

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  11. वाह बहुत ही खूबसूरत

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  12. मन के भावों को बहुत सुन्दरता से प्रस्तुत किया है कविता में !
    नई पोस्ट मिशन मून
    नई पोस्ट ईशु का जन्म !

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  13. बहुत बढ़िया प्रस्तुति...आप को और सभी ब्लॉगर-मित्रों को मेरी ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं...

    नयी पोस्ट@एक प्यार भरा नग़मा:-तुमसे कोई गिला नहीं है

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