Tuesday, 3 September 2013

तुम्हारी तस्वीर उतरने की कोशिश की है मैंने......!!!

                                  

एक बार फिर इन्द्रधनुष के रंगों को लिया है मैंने,
ख्यालो को ब्रश बना लिया है मैंने 
जिन्दगी के कैनवास पर,
तुम्हारी तस्वीर उतरने की कोशिश की है मैंने..... 

खाली पड़े कैनवास पर,
कुछ यूँ आड़ी-तिरछी लकीरे खींच दी मैंने....
जिन्दगी की ठोकरों से फिर से,
सम्हलने की कला सीख ली हैं मैंने...... 
इस बेरंग जिन्दगी में तुम्हारे अक्स के साथ,
कुछ रंग भरने की कोशिश की है मैंने........
एक बार फिर........
जिन्दगी के कैनवास पर,
तुम्हारी तस्वीर उतरने की कोशिश की है मैंने..........!!!

28 comments:

  1. कुछ रंग भरने की कोशिश की है मैंने........
    एक बार फिर........
    सुंदर प्रस्तुति

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  2. जिन्दगी के कैनवास पर,
    तुम्हारी तस्वीर उतरने की कोशिश की है ....nice and sweet poetry...

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  3. ठोकरों से संभलने वाले मंजिल तक जरुर पहुँचते हैं ....
    लाज़वाब रचना ..... शुभकामनायें

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..
    ---
    आप अभी तक हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {साप्ताहिक चर्चामंच} की चर्चा हम-भी-जिद-के-पक्के-है -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा : अंक-002 मे शामिल नही हुए क्या.... कृपया पधारें, हम आपका सह्य दिल से स्वागत करता है। आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आगर आपको चर्चा पसंद आये तो इस साइट में शामिल हों कर आपना योगदान देना ना भूलें। सादर ....ललित चाहार

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  5. जिंदगी की खूबसूरत अभिव्यक्ति

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  6. उम्र लम्बी सही, पर ज़िंदगी तो छोटी थी,
    जो तेरे साथ कटी, बस वो ही तो जी है मैंने.....बहुत सुन्दर सुषमा जी, नारी सुलभ भावों को अत्यंत सुघड़ता के साथ आप कविता के धागे में पिरोती हैं............बहुत सुन्दर..........

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - बुधवार -4/09/2013 को
    मर्त्य देश के निवासी - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः12 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - बुधवार -4/09/2013 को
    मर्त्य देश के निवासी - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः12 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





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  9. बहुत बढ़िया सुंदर अभिव्यक्ति ,,,

    RECENT POST : फूल बिछा न सको

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  10. अच्छा लिखा है ..

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  11. सच्चे एहसासों ने सुंदर तस्वीर गढ़ दी हैं ,सुषमा जी !
    नई पोस्ट-“जिम्मेदारियाँ..................... हैं ! तेरी मेहरबानियाँ....."

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  12. कुछ रंग भरने की कोशिश
    एक बार फिर...
    - बहुत अच्छा!

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  13. आशा और विश्वास से भरे शब्द !

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  14. प्रेम के रंग उतारना ही काफी है ... चाहे तिरछी रेखाएं ही बनें ... प्रेम तो ज़िंदा रहेगा ....

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  15. वाह बहुत ही सुन्दर |

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  16. बेहतरीन प्रस्तुति।।।

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  17. बहुत खुबसूरत भावयुक्त रचना!!

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  18. बेहतरीन प्रस्तुति

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  19. बहुत सुन्दर रचना

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  20. मंगलवार 10/09/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    आप भी एक नज़र देखें
    धन्यवाद .... आभार ....

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  21. सुंदर प्रस्तुति,आप को गणेश चतुर्थी पर मेरी हार्दिक शुभकामनायें ,श्री गणेश भगवान से मेरी प्रार्थना है कि वे आप के सम्पुर्ण दु;खों का नाश करें,और अपनी कृपा सदा आप पर बनाये रहें...

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  22. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.

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