Sunday, 11 August 2013

धड़कन भी धड़क रही है...........!!!

हाथो में महेंदी लगी है....                         
कलाइयों में हरी चूड़ियाँ भी सजी है,
फिर लगी सावन की झड़ी है.....
कि हर आहट पर....
धड़कन भी धड़क रही है.......!!!

फिर किसी की याद में,
आइना सामने रख कर....
हर गोरी सज संवर रही है.....
कभी खुद में ही शरमा कर सिमट रही है....
पल-पल किसी के प्यार में,
टूट कर बिखर रही है..........!!!
कि हर आहट पर धड़कन भी धड़क रही है...........!!!

वो लबो से कुछ कहे न कहे,
उसकी पायल की झंकार,
उसकी आखों में बसा काजल में प्यार.....
चूड़ियों की खनक,
कह रही बहुत कुछ,
वो बिंदियाँ की चमक..........
कि अब प्यार खुशबू,
उसकी साँसों में उतर रही है....................!!!
कि हर आहट पर धड़कन भी धड़क रही है............!!!

30 comments:

  1. पल-पल किसी के प्यार में,
    टूट कर बिखर रही है..........!!!
    कि हर आहट पर धड़कन भी धड़क रही है...

    बहुत सुंदर उम्दा पोस्ट ,,,

    RECENT POST : जिन्दगी.

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  2. बहुत सुंदर उम्दा

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  3. वो लबो से कुछ कहे न कहे,
    उसकी पायल की झंकार,
    उसकी आखों में बसा काजल में प्यार.....
    चूड़ियों की खनक,
    कह रही बहुत कुछ,
    वो बिंदियाँ की चमक..........
    कि अब प्यार खुशबू,
    उसकी साँसों में उतर रही है..

    बहुत सुंदर

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  4. बहुत खुबसूरत रचना..

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  5. बहुत सुन्दर...कोमल अभिव्यक्ति..

    अनु

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  6. तीज की बधाई..सुंदर कविता !

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  7. Har shabdon me madhur ahsas dharak rahen tumahare....kitna pyara likha tumne......

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  8. नयनाभिराम चित्र!
    सुन्दर अभिव्यक्ति!!

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  9. बहुत सुन्दर कविता.

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  10. बहुत सुंदर उम्दा पोस्ट ....!!

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  11. वो लबो से कुछ कहे न कहे,
    उसकी पायल की झंकार,
    उसकी आखों में बसा काजल में प्यार...

    बहुत सुन्दर सुषमा जी, स्त्रैण व् नारी सुलभ कोमल भावों से परिपूर्ण सुन्दर रचना....
    बधाई स्वीकारें.......

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  12. वाह बहुत खूब ...प्यार ही प्यार

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  13. सुंदर ...कोमल अभिव्यक्ति

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  14. प्रेम और चाहत ..श्रृंगार और विरह ...सब झलक पड़ा ..खूबसूरत ...
    सुषमा जी जय श्री राधे
    भ्रमर ५

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  15. प्रेम और चाहत ..श्रृंगार और विरह ...सब झलक पड़ा ..खूबसूरत ...
    सुषमा जी जय श्री राधे
    भ्रमर ५

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  16. बहुत खुबसूरत .......

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  17. सुन्दर अभिव्यक्ति

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  18. Gajab ka rekha chitr keecha hai apne .....bahut hi sundar abhivykti .

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  19. श्रृंगार का मूल तो प्यार ही है
    बहुत सुन्दर, भावपूर्ण !




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  20. श्रृंगार रस प्रधान रचना |
    सच में बहुत खूबसूरत चित्रण |
    जब प्यार आत्मीय हों तो कायनात खुद बोलती हैं ,
    हर वस्तु प्रेम कों जाहिर करती प्रतीत होती हैं |
    इकबाल का एक शेर हैं -
    फ़कत निगाह से . होता है फैसला दिल का ;
    न हो निगाह में शोखी , तो दिलबरी क्या है
    इकबाल
    One look from d eyes of d Fair can make a conquest of d heart:
    There is no charm in d fair sweet, If it lacks this alluring art.
    U can search throughout d entire universe for someone who is more deserving of yr love & affection than u r yrself, n that person is not to be found anywhere. U, yrself, as much as anybody in d entire universe, deserve yr love n affection. Then why being mad-fan , hankering after others ?”
    नए-लेख-
    “ तेरा एहसान हैं बाबा !{Attitude of Gratitude}"
    “प्रेम ...प्रेम ...प्रेम बस प्रेम रह जाता हैं "



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  21. हिंदी ब्लॉग समूह के शुभारंभ पर आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा {सोमवार} (19-08-2013) को

    हिंदी ब्लॉग समूह
    पर की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra

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  24. प्रेम श्रंगार और चाहत से लबालब खूबसूरत रचना...
    हार्दिक बधाई !!!

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  25. मन के कोमल एहसास को कहती सुंदर रचना ।

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  26. बहुत सुन्दर रचना....
    :-)

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  27. feeling expressed very well.
    Vinnie

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