Thursday, 1 August 2013

तुम्हे जीने का एहसास है.....मेरे पास.....!!!

एक अधूरे ख्वाब की,                                   
पूरी रात है.....मेरे पास...
तुम हो ना हो,
तुम्हे जीने का एहसास है.....मेरे पास.....!

तुम्हे छोड़ कर जाना हो तो जाओ,          
अभी उम्मीद छोड़ी नही है मैंने...
तुम्हारा इन्तजार करुँगी,
मुझे थामने के लिये....
तुम्हारा विश्वास है.....मेरे पास.....!!

मैं बढ़ रही हूँ,
कदम-दर-कदम मंजिल की तरफ...
मुझे तन्हा न समझना तुम कभी,
हर कदम तुम्हारा साथ है......मेरे साथ....!!!

गुजरे हुए लम्हों की बाते लेकर,
तुम्हारे ख्यालो में गुजरी राते लेकर....
अपने सिरहाने लेकर लेटी हूँ.....
मुझे नींद के आगोश में ले जाती,
तुम्हारी यादे है......मेरे पास.......!!!!

जिन्दगी के उलझे सवालो में,
कितनी बार टूट कर बिखरी हूँ....
अपने ही सवालो से........
फिर समेटा है खुद को,
मेरे सवालो के दिए....
तुम्हारे वो जवाब है......मेरे पास......!!!!!

इस भागती जिन्दगी में,
सब छुटा जा रहा है..
तुम से दूर हुए दिन हफ्तों में,
हफ्ते महीनो में,महीने साल में.....
बदलते जा रहे है......
इस बदलते वक़्त के साथ,
तुम्हारे साथ बीते लम्हात है.....मेरे साथ.....!!!!!!!


एक अधूरे ख्वाब की,                                   
पूरी रात है.....मेरे पास...
तुम हो ना हो,
तुम्हे जीने का एहसास है.....मेरे पास.....!

25 comments:

  1. वाह! भावपूर्ण सुन्दर अभिव्यक्ति!

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  2. ये एहसास पास बने रहकर कितनी ही पीर उजागर करते हैं और कितनी ही पीर हर भी तो लेते हैं!

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  3. 'इस भागती जिंदगी में सबकुछ छूटा जा रहा है' , सच कहा सुषमा ! कुछ प्यारे ख़्वाब होते हैं जो साथ-२ रहते हैं ...

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  4. सुप्रभात.बहुत सुन्दर......
    watch & join
    www.sriramroy.blogspot.in
    जबसे निगाहों के सामने,
    तू आई ….
    अँधेरे में भी रौशनी,
    नजर आई …. ।।

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  5. Touching.... thanks for sharing such a nice post !

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  6. इस बदलते वक़्त के साथ.....
    तुम्हारे साथ बीते लम्हात है …मेरे साथ… !!
    बहुत ही प्रेमपगी भावपूर्ण प्रस्तुति !!!

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  7. विश्वास हो तो सब कुछ संभाला जा सकता है...

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  8. पूरी कविता प्रेम भाव से परिपूर्ण है -बहुत अच्छा
    latest post,नेताजी कहीन है।
    latest postअनुभूति : वर्षा ऋतु

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  9. वाह जी वाह…….बहुत खुबसूरत

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  10. बहुत बढि़या..भावपूर्ण अहसास

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  11. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवारीय चर्चा मंच पर ।।

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  12. बहुत ही बढ़िया


    सादर

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  13. इस बदलते वक़्त के साथ,
    तुम्हारे साथ बीते लम्हात है.....मेरे साथ.

    बहुत खूबसूरत एहसास

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  14. खूबसूरत से अहसास .... शब्‍दों को भी जिंदगी दे जाता हैं

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  15. बहुत सुन्दर एहसास....

    अनु

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  16. एक अधूरे ख्वाब की,
    पूरी रात है.....मेरे पास...
    तुम हो ना हो,
    तुम्हे जीने का एहसास है.....मेरे पास.....!

    बेहतरीन एहसास

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  17. आदरेया आपकी यह सुन्दर प्रस्तुति 'निर्झर टाइम्स' पर 'रचनाशीलता की पहुंच कहाँ तक?' में लिंक किया गयी है।
    आपकी अमूल्य प्रतिक्रिया http:/nirjar-times.blogspot.com पर सादर आमंत्रित है।
    सादर

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  18. अति सुन्दर भावपूर्ण रचना । बधाई । मैत्री दिवस की शुभकामनाएँ । सस्नेह

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  19. Tum ho n ho,ahsas sath hain....behud bhavpurn rachana.....

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