Friday, 12 July 2013

बस तुम नही हो....!!!!!

वही सावन के झूले है....                                            
वही बरसता पानी है....
वही भिगोती बुँदे है...
बस तुम नही हो.....!!

वही टेढ़ी मेढ़ी राहे है....                                  
वही ठंड से कांपती हवाये है.....
वही तुम्हारे इन्तजार में थमी निगाहें है.....
वही बैचैन करती आहे है.....
बस तुम नही हो....!!

वही बिखरते हुए सपने है....
वही टूटी हुई कसमे है....
वही लोगो की बाते है...
वही दुनिया की रश्मे है...
बस तुम नही हो....!!

वही दूर तक फैला समंदर है....
वही आती हुई लहेरे है....
वही कभी न खत्म  होती राहे है....
वही ठहरी हुई मंजिले है...
बस तुम नही हो....!!

वही आधी-अधूरी बाते है....
वही नींदों से कोसो दूर उदास आखें है...
वही तुम्हारा नाम लेती मेरी साँसे है....
बस तुम नही हो....!!

वही तुममे ही डूबी मेरी भावनाये है.....
वही तुम्हारे लिए ही रची मेरी रचनाये है....
बस तुम नही हो....!!

36 comments:

  1. I am speechless Sushma ji. Brilliant piece of writing.

    ReplyDelete
  2. बहुत ही सुन्दर रचना, आपकी अभिव्यक्ति दिल को छू गयी....

    ReplyDelete
  3. सावन की मन भावन रचना...

    ReplyDelete
  4. वही आधी-अधूरी बाते है....
    वही नींदों से कोसो दूर उदास आखें है...
    bahut bahut khoob... suprb

    ReplyDelete
  5. भीगा भीगा सा सावन

    ReplyDelete
  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति !
    डैश बोर्ड पर पाता हूँ आपकी रचना, अनुशरण कर ब्लॉग को
    अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
    latest post केदारनाथ में प्रलय (२)

    ReplyDelete
  7. कौन कहता है वो नहीं है...है तो हर जगह...तुम में भी....

    बहुत सुन्दर..
    अनु

    ReplyDelete
  8. वही आधी-अधूरी बाते है....
    वही नींदों से कोसो दूर उदास आखें है...
    वही तुम्हारा नाम लेती मेरी साँसे है....
    बस तुम नही हो....!!
    very nice

    ReplyDelete
  9. सुन्दर रचना

    ReplyDelete
  10. जो नहीं है वही तो है...जब कोई होता है तब ही वास्तव में नहीं होता..

    ReplyDelete
  11. आपकी तो हर बात में वही है..
    बहुत ही सुन्दर रचना...
    :-)

    ReplyDelete
  12. ati sunder bhigi bhigi rachna

    ReplyDelete
  13. सावन में ठण्ड से कंपाती हवाएं ....?

    अच्छी रचना .....!!

    ReplyDelete
  14. बेहतरीन रचना और सुंदर अभिव्यक्ति .......!!

    ReplyDelete
  15. Awesome hai ji...laajwaab!!

    ReplyDelete
  16. सबसे बड़ी कमी है ....कि बस तुम नही हो ....दिल की पुकार !
    शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  17. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति .. आपकी इस रचना के लिंक की प्रविष्टी सोमवार (15.07.2013) को ब्लॉग प्रसारण पर की जाएगी. कृपया पधारें .

    ReplyDelete
  18. वही आधी-अधूरी बाते है....
    वही नींदों से कोसो दूर उदास आखें है...
    वही तुम्हारा नाम लेती मेरी साँसे है....
    बस तुम नही हो....!!

    बेहतरीन रचना और सुंदर अभिव्यक्ति********

    ReplyDelete
  19. बहुत सुंदर .... भावुक

    ReplyDelete
  20. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ....

    ReplyDelete
  21. वाह ,बहुत सुंदर भावपूर्ण बधाई

    ReplyDelete
  22. और किसी का ना होना कितना खलता है हर वक्त ....
    बहुत खूब

    ReplyDelete
  23. वाह !!! बहुत खूब,सुंदर अभिव्यक्ति,,,सुषमा जी,
    आपके ब्लॉग को फालो कर लिया हूँ,आप भी फालो करे तो मुझे दिली खुशी होगी,,,

    RECENT POST : अपनी पहचान

    ReplyDelete
  24. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

    ReplyDelete
  25. बड़ी प्यारी सरल सी अभिव्यक्ति ...
    बधाई !

    ReplyDelete
  26. भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

    ReplyDelete
  27. बहुत उम्दा भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

    ReplyDelete
  28. बस तुम नहीं हो…………. !!!!
    बहुत बढ़िया , बधाइयाँ

    ReplyDelete