Tuesday, 6 March 2012

इस बार होली कुछ ऐसे ही खेलूंगी मैं.....!!!


इन रंगों से थोड़े रंग
खुशियों के लेकर,                                                
सबके जीवन में घोलूँगी मैं.....
इस बार होली कुछ ऐसे ही खेलूंगी मैं.....

भूल से दुःख दिया हो जो किसी को,
अपनी हर भूल की माफ़ी मांग लूँगी मैं....
रिश्तो में रंग ऐसे घोलूँगी मैं,
हर रिश्ते को एक धागे में बांध लूँगी मैं,
इस बार होली कुछ ऐसे ही खेलूंगी मैं.....

जो छूट गये हैं उनको भी साथ ले लूँगी मैं,
जो रूठ गये हैं उनको भी मना लूँगी मैं.... 
हर रंग को अपने रंग में मिला लूँगी मैं,
इस बार होली ऐसे ही खेलूंगी मैं.....

पल-पल जाते इन पलो से कुछ पल,
अपनी मुट्ठी में समेट लूँगी मैं...
नहीं भूलूंगी ये होली,
इन पलों में जी भर जी लूँगी मैं....
इस बार होली ऐसे ही खेलूंगी मैं.....






62 comments:

  1. waah....rangoli ke sang shabdo ki thitholi....Happy Holi to u & ur family :)

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  2. इन्द्रधनुष से लेकर सात रंग
    घोला है इसमें मैंने आठवां रंग - स्नेह का , दुआओं का , आशीषों का
    हैप्पी होली

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  3. होली की स्नेहिल शुभकामनाएं...

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  4. bahut hi khubsurat vicharo se gadha hai aapne....

    Holi ki dhero badhaiyan...

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  5. पल-पल जाते इन पलो से कुछ पल,
    अपनी मुट्ठी में समेट लूँगी मैं...
    नहीं भूलूंगी ये होली,
    इन पलों में जी भर जी लूँगी मैं....
    इस बार होली ऐसे ही खेलूंगी मैं.....
    COLOURFUL LINES WIYH LOVE AND PASSION

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  6. बढञिया प्रस्तुति!
    आपको होलिकोत्सव की शुभकामनाएँ!

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  7. सुन्दर प्रस्तुति |

    होली है होलो हुलस, हुल्लड़ हुन हुल्लास।
    कामयाब काया किलक, होय पूर्ण सब आस ।।

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  8. कोमल भाव ! होली मुबारक!

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  9. बहुत ही बढ़िया।

    आपको होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।

    सादर

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  10. Nice message ang good gesture.

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  11. त्योहार हि तो हमे मौका देते हैं
    सब गिले- सिकवे भूलाकर फिर से हाथ मिलाने का..
    बहुत हि सुंदर रचना हैं....
    होली पर्व कि शुभकामनाये
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    ♥ होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार ! ♥
    ♥ मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !! ♥



    आपको सपरिवार
    होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
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  13. शुभ हो !
    आप को भी होली का पर्व मुबारक हो !
    शुभकामनाएँ!

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  14. .


    बहुत सुंदर भावपूर्ण रचना लिखी है आपने…
    आभार!

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    ♥ होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार ! ♥
    ♥ मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !! ♥



    आपको सपरिवार
    होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
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  16. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 08 -03 -2012 को यहाँ भी है

    ..रंग की तरंग में होली की शुभकामनायें .. नयी पुरानी हलचल में .

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  17. सच कहो तो होली का मतलब भी ऐसा ही कुछ है ... अपनों के औए सभी के जीवन में रंग भरना ...
    आपको और समस्त परिवार को होली की मंगल कामनाएँ ...

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  18. .



    बहुत अच्छी लगी आपकी रचना और आपकी भावनाएं भी !

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    ♥ होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार ! ♥
    ♥ मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !! ♥



    आपको सपरिवार
    होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
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  20. holi mubarak ---------meri bhi holi aisi hi hogi

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  21. बहुत सुंदर भावनाओं से भरी होली की कविता. होली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  22. समयानुकूल रचना... बहुत बहुत बधाई...
    होली की शुभकामनाएं....

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  23. Sundar rachna ...holi ki hardik shubkamnayen...

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  24. बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना |होली पर हार्दिक शुभ कामनाएं |
    आशा

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  25. ऐसी होली हो तो न होगी सुन्दर होली..होली की शुभकामनाएं !

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  26. सटीक और सामयिक अभिव्यक्ति.
    होली की हार्दिक बधाई.

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  27. खूबसूरत भावों को समेटे अच्छी प्रस्तुति ....होली की शुभकामनायें

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  28. इन पलों में जी भर जी लूँगी मैं....
    इस बार होली ऐसे ही खेलूंगी मैं....
    बहुत खूब !!

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  29. बहुत सुन्दर भावनाएं..............
    आपकी होली सतरंगी हो...मन रंग जाये.....
    शुभकामना.

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  30. होली की हार्दिक शुभकामनायें ........

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  31. बहुत सुंदर....आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  32. BEHAD SUNDAR RACHNA..HOLI KI SUBHKAAMNAYEIN!

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  33. बहुत सुन्दर प्रस्तुति. खूबसूरत तस्वीर....

    आपको सपरिवार रंगों के पर्व होलिकोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ......!!!!

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  34. वाह बहुत सकारात्मक सोच से लिखी सुन्दर कविता होली की मेरी तरफ से बधाई दोस्त |

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  35. वाह ...बहुत ही बढि़या ...

    आपको भी होली की शुभकामनाएं ।

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  36. रिश्तो में रंग ऐसे घोलूँगी मैं,
    हर रिश्ते को एक धागे में बांध लूँगी मैं,
    इस बार होली कुछ ऐसे ही खेलूंगी मैं...

    aapaki likhi har line jab kabhi
    fir padi jati hai ek naye ranga me duba jati.

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  37. बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना ..देर ही सही आपको भी होली की शुभकामनाएं ...

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  38. प्रेम -समर्पण रंग से होली खेली जाय
    अंतस् चूनर रँग उठे किसको भला न भाय
    किसको भला न भाय,रंगीला फागुन मौसम
    तन मन को हरषाय छबीला फागुन मौसम
    जितने डालें रंग दमकता मन का दरपण
    कभी व्यर्थ न जाय क्षमा और प्रेम समर्पण.

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  39. जो रूठ गये हैं उनको भी मना लूँगी मैं....वाह

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  40. वाह...सुन्दर प्रस्तुति....
    बहुत बहुत बधाई...

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  41. i wish k tumhari holi baht ahchhi rahi hogi, bilkul waise jai holi ka khwab tumne es post mai bunaa.....

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  42. सबसे अलग थलग अंदाज़ होली खेलने का ..भा गया !

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  43. जो छूट गये हैं उनको भी साथ ले लूँगी मैं,
    जो रूठ गये हैं उनको भी मना लूँगी मैं....
    हर रंग को अपने रंग में मिला लूँगी मैं,
    इस बार होली ऐसे ही खेलूंगी मैं.....

    गहन अनुभूतियों की सुन्दर अभिव्यक्ति ...
    हार्दिक बधाई....

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  44. कल 21/03/2012 को आपके ब्‍लॉग की प्रथम पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.

    आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


    ... मुझे विश्‍वास है ...

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  45. पिछले कुछ दिनों से अधिक व्यस्त रहा इसलिए आपके ब्लॉग पर आने में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ...

    इस होली के रंगों से सरोबार रचना के लिए बधाई स्वीकारें.

    नीरज

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  46. होली का रंग सबके संग. छूटे हुए को साथ लेना और रूठे हुए को मन लेना . सच में इस होली का जबाब नहीं.

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  47. होली का रंग सबके संग. छूटे हुए को साथ लेना और रूठे हुए को मन लेना . सच में इस होली का जबाब नहीं.

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  48. बहुत ही सुन्दर में आपके ब्लॉग पे पहली बार आया हु
    लेकिन आगे आता रहूँगा
    मेरे ब्लॉग पे भी आप आएंगे तो हमें अच्छा लगेगा
    http://vangaydinesh.blogspot.in/

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  49. पल-पल जाते इन पलो से कुछ पल,
    अपनी मुट्ठी में समेट लूँगी मैं...
    नहीं भूलूंगी ये होली,
    इन पलों में जी भर जी लूँगी मैं....
    इस बार होली ऐसे ही खेलूंगी मैं.....
    badhiya rachna sadar aabhar...

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  50. बहुत प्यारी रचना ... :)

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  51. सही कहा, होली पर्व ही ऐसा है कि आपसी वैर को मिटा कर रिश्तों को सहेज लेना होता है. बहुत शुभकामनाएँ.

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  52. बहुत सुन्दर , सार्थक सृजन.

    कृपया मेरे ब्लॉग meri kavitayen पर भी पधारने का कष्ट करें, आभारी होऊंगा .

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  53. लो कर लो बात....मैं तो इत्ते दिनों के बाद आया हूँ....खैर रचना अच्छी है....

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  54. जो छूट गये हैं उनको भी साथ ले लूँगी मैं,
    जो रूठ गये हैं उनको भी मना लूँगी मैं....
    हर रंग को अपने रंग में मिला लूँगी मैं,
    इस बार होली ऐसे ही खेलूंगी मैं.....
    sunder bhav
    rachana

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  55. सुन्दर प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।
    http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/02/blog-post_25.html
    http://dineshpareek19.blogspot.in/2012/03/blog-post_12.html

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