Monday, 5 December 2011

रात सपने में तुम आये थे......!!!


रात सपने में तुम आये थे......!                                       
मैं कुछ कह रही थी तुमसे....
तुम सुन रहे थे मुझको,
बाते क्या की थी तुमसे.....
कुछ याद नही...सिर्फ  
मुझे देखती तुम्हारी वो आखें याद रह गयी.....
रात सपने में तुम आये थे......!


मैं चल रही थी तुम्हारे साथ,
गिर रही थी, संभल रही थी तुम्हारे साथ...
वो राहे कौन सी थी...वो सफ़र कौन सा था,
कुछ याद नही....सिर्फ
तुम्हारे हाथो को थाम चल रही थी,
टेड़ी-मेडी वो डगर याद रह गयी......
रात सपने में तुम आये थे.....!


थक कर बैठे थे किसी समंदर के किनारे,
तुम्हारे कंधे पर सर रख कर कुछ सोच रही थी....
क्या सोच रही थी,
कुछ याद नही.....सिर्फ
मुझे अपनी तरफ खींचती वो लहरे याद रह गयी.....
रात सपने में तुम आये थे....... !!!

55 comments:

  1. गजब की भावाभिव्‍यक्ति।
    सुंदर प्रस्‍तुतिकरण।

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  2. Waah....!! Bahut sunder rachna, dil ko chu gai aapki ye kavita.

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  3. कुछ याद नही.....सिर्फ
    मुझे अपनी तरफ खींचती वो लहरे याद रह गयी...लहरों में आलोड़ित तुम्हारा प्रेम जो था

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  4. सपनों का अहसास मीठा होना ज़रुरी है ,याद रहना ज़रुरी नही ....
    शुभकामनाएं!

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  5. सुन्दर एहसास के साथ लाजवाब रचना! दिल को छू गई हर एक पंक्तियाँ!

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  6. सुन्दर एहसास,... खुबसूरत भावाभिव्‍यक्ति। ..

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  7. बहुत रूमानी है पोस्ट.....सच एक ख्वाब सा.......बहुत खुबसूरत|

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  8. Beautiful !

    ----
    कल 07/12/2011को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  9. कुछ याद नही.....सिर्फ
    मुझे अपनी तरफ खींचती वो लहरे याद रह गयी.....
    रात सपने तुम आये थे....... !!!

    sundar sapne.....

    www.poeticprakash.com

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  10. बहुत खूब ... उनके आने से कितना असर हुवा ... कुछ याद ही नहीं की क्या हुवा ...

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  11. सुन्दर भावाभिव्‍यक्ति ....

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  12. बहुत सुंदर प्रस्तुति । मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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  13. मुझे देखती तुम्हारी वो आखें याद रह गयी.....
    रात सपने में तुम आये थे......!..very nice...

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  14. सपनो में किसी का आना बहुत खुबसूरत होता है
    सुन्दर प्रस्तुति

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  15. सपनो में किसी का आना बहुत खुबसूरत होता है
    सुन्दर प्रस्तुति

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  16. कहीं तो मिलना हो रहा है सपने में ही सही. सुंदर भाव.

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  17. खूबसूरत...रचना...

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  18. bahut pyare ahsas se likhi apki yah rachana bahut hi uttam hai...

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  19. सपना था या हकीकत याद नही मगर थे तुम मेरे पास्…………है ना।

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  20. बहुत सुन्दर....और जागती आँखों से देखे गए स्वप्न अक्सर सुन्दर हुआ करते हैं..
    शुभकामनाएं !!

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  21. Bahut Sunder Abhivykti .........kabhi kabhi sapne sach bhi ho jate hai .......sadar aabhar badhai Sushma ji

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  22. आपका पोस्ट अच्छा लगा .मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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  23. khoobsurat jajbaat sapne me hi sahi khwaabon me hi sahi tum mere paas ho ye kya kam hai.bahut sundar rachna.

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  24. This comment has been removed by the author.

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  25. जागती आँखों से देखे गए स्वप्न अक्सर सुन्दर हुआ करते हैं| धन्यवाद|

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  26. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।
    मेरा शौक
    मेरे पोस्ट में आपका इंतजार है,
    आज रिश्ता सब का पैसे से

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  27. इसमें कोई शक नहीं कि आपकी रचनाएँ अंतर्मन को गहराई तक छू जाती हैं | बहुत सुंदर रचना हार्दिक बधाई |

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  28. सुषमा जी,//
    सपने सुंदर होते है मगर जब नींद टूटती है
    तो सपने बिखर जाते है,..आपका सपना सुंदर लगा
    मेरे पोस्ट "आज चली कुछ ऐसी बाते"में स्वागत है

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  29. WOW its always a treat to read what u write...
    Awesome expressions !!

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  30. कुछ याद नही.....सिर्फ
    मुझे अपनी तरफ खींचती वो लहरे याद रह गयी.....
    रात सपने तुम आये थे....... !!!
    bahut khoobsoorat ahsas....

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  31. रात सपने में तुम आये थे.....!

    बहुत सुन्दर

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  32. बहुत ही सुंदर प्रस्तुति...वाह !!!!

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  33. सुषमा जी,...
    सुंदर सपना टूट गया,..बधाई सुंदर पोस्ट
    मेरे पोस्ट में.....

    आज चली कुछ ऐसी बातें, बातों पर हो जाएँ बातें

    ममता मयी हैं माँ की बातें, शिक्षा देती गुरु की बातें
    अच्छी और बुरी कुछ बातें, है गंभीर बहुत सी बातें
    कभी कभी भरमाती बातें, है इतिहास बनाती बातें
    युगों युगों तक चलती बातें, कुछ होतीं हैं ऎसी बातें

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  34. सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति |
    आशा

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  35. सच है सपने कहाँ याद् रहते हैं ...बहुत सुंदर भावपूर्ण प्रस्तुति...

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  36. सपनों में उनका आना कितना खूबसूरत ख्वाब है काश कि नींद ना टूटे ।

    सुंदर भावभीनी प्रस्तुति ।

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  37. वाह ...बहुत खूब ।

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  38. ये तो जागी आँखों का खाब है प्यार का अंजाम है .सुन्दर रचना

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  39. बेहतरीन प्रस्तुति !
    आभार !

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  40. aur kuchh yaad rahe n rahe bas vo jiska saath chahiye vo yaad raha ....sab kuchh mil gaya

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