Monday, 14 November 2011

मैं खामोश रहूंगी........!!


इस बार नही कहूँगी.....कि                                        
मैं तुम्हे याद करती हूँ,
इस बार नही कहूँगी......कि 
मैं अपने हर पल, हर लम्हे में 
तुम्हे महसूस करती हूँ,
इस बार खामोश रहूंगी
तुम्हारी ख़ामोशी की तरह........


नही कहूँगी.....कि
मेरा इक दिन भी ढलता नही 
तुमसे बात किये बिना,
नही कहूँगी कि मुझे मंजिल नही मिलेगी,
तुम्हारे साथ के बिना,
इस बार खामोश रहूंगी.....
तुम्हारी ख़ामोशी की तरह......


नही कहूँगी......कि
तुम्हारे बिन बारिश कि बूंदों का 
मुझे एहसास नही होता....
नही कहूँगी......कि
ख़ुशी चाहे कोई भी हो 
लम्हा कोई खास नही होता.....
तुम्हारे साथ के बिना,
इस बार खामोश रहूंगी....
तुम्हारी ख़ामोशी की तरह......


नही कहूँगी.....कि
मेरी आखों में कोई ख्वाब नही 
तुम्हारे ख्वाबो के सिवा,
नही कहूँगी....कि
मेरे जहन में कोई और ख्याल नही
तुम्हारे ख्यालो के सिवा,
नही कहूँगी....कि
मेरी जिन्दगी में कुछ भी नही 
तुम्हारे सिवा.....


इस बार सिर्फ खामोश रहूंगी....
क्यों कि,मैं जान गयी हूँ.....
"ख़ामोशी" ही अब तुमसे मुझको अभिव्यक्त करेगी....
"ख़ामोशी" ही मेरे शब्दों के बोझ से तुमको मुक्त करेगी.... 
इस बार नही कहूँगी..........
मैं खामोश रहूंगी..............!!!

57 comments:

  1. haan.... main khamosh hi rahungi
    Awsummmmm..... Good job

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  2. बहुत सुन्दर...पर,जब हम किसी को चाहते हैं...लाख कोशिश करते हैं की अब कुछ नहीं कहेंगे..तब भी ....

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  3. ओह सबकुछ तो कह दिया ...भावों का सुन्दर सम्प्रेषण

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  4. ab tum samajh sako to is khamoshi ko samajhna ...

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  5. इस बार सिर्फ खामोश रहूंगी....
    क्यों कि,मैं जान गयी हूँ.....
    "ख़ामोशी" ही अब तुमसे मुझको अभिव्यक्त करेगी....very nice..

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  6. ये ख़ामोशी बहुत कुछ कहती है !

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  7. Wah...yahan to khamoshiyan bhi zubani hai...
    unka apna ek maza hai, asar hai...

    Bahut khoob !!!

    www.poeticprakash.com

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  8. एक खामोशी कई सवालों का जवाब होती है और यही खामोशी कई प्रश्न भी खड़े करती है।
    और जब खुद को सुकून की तलाश हो तब कुछ पल खामोश रहना ही बेहतर है।

    भावों का और भावुकता का एक बेहतरीन संगम है यह पोस्ट!

    सादर

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  9. ‎"ख़ामोशी" ही अब तुमसे मुझको अभिव्यक्त करेगी....
    "ख़ामोशी" ही मेरे शब्दों के बोझ से तुमको मुक्त करेगी....
    इस बार नही कहूँगी..........
    मैं खामोश रहूंगी..............!!!
    ese kahte hai, khamosh rahkar bhi sab kuch kah jana....very nice

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  10. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
    बालदिवस की शुभकामनाएँ!

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  11. waooo OOO ... awesome ...


    "ख़ामोशी" ही अब तुमसे मुझको अभिव्यक्त करेगी....
    "ख़ामोशी" ही मेरे शब्दों के बोझ से तुमको मुक्त करेगी....


    क्या खूब कहा !!

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  12. वाह ....बहुत खूब ।


    कल 16/11/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है।

    धन्यवाद!

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  13. नही कहूँगी.....कि... aur sab kuchh kah bhi diya...
    bahut achhi kavita hai...

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  14. अच्छी अभिव्यक्ति,बधाई !

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  15. खामोशी के साथ सब कुछ कह दिया..सुन्दर अभिव्यक्ति,बधाई !

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  16. very beautiful,,
    emotional and heart touching poem....

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  17. खामोशी तो और भी मारक होती है. बहुत सुन्दर..

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  18. याद की सुन्दर लहर

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  19. बोलती हुई खामोशी.....
    सुन्दर सम्प्रेषण....
    सादर बधाई....

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  20. कभी कभी ख़ामोशी भी सभी कुछ बोल देती है. सुंदर रचना.

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  21. ख़ामोशी खुद अपनी सदा हो, ऐसा भी हो सकता है...
    सन्नाटा ही गूँज रहा हो, ऐसा भी हो सकता है...

    सब कुछ तो कह डाला...

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  22. Awesome piece Sushma....kuchh na keh kar bhi sab kuchh keh diya aapne...

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  23. रात को पंछी हो चुप तो फड़फड़ाती पाँख बोले
    लब अगर खामोश हो तो रूप बोले,आँख बोले.

    "ख़ामोशी" ही अब तुमसे मुझको अभिव्यक्त करेगी....
    "ख़ामोशी" ही मेरे शब्दों के बोझ से तुमको मुक्त करेगी....
    बहुत सुंदर भाव...

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  24. खामोशी,जबाब भी है और सवाल भी ....
    यादो भरी सुंदर रचना,उम्दा पोस्ट ...
    मेरे पोस्ट में स्वागत है ....

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  25. अपनी खामोशी सामने वाले में अभिव्यक्त होकर मुखर हो जाती है. सुंदर कविता.

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  26. इन्कार से भरी हुई एक चीख़' और 'एक समझदार चुप' दोनों का मतलब एक है.दोनों अपनी जगह अपना अपना हक अदा करते हैं - सुदामा नारायण पाण्डेय 'धूमिल ' जी की इन पंक्तियों की याद दिला दी सहसा . बहुत सुन्दर

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  27. ओह! इतना कुछ कह कर भी अब खामोशी.
    बहुत अच्छी लगी आपकी प्रस्तुति.

    आपका आभार.
    सदा जी की हलचल का आभार.

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  28. aapka blog bahut khubsurat hai ..aur ye rachna bhi ....sundar prastuti ...

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  29. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल कल 16-- 11 - 2011 को यहाँ भी है

    ...नयी पुरानी हलचल में आज ...संभावनाओं के बीज

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  30. सब कुछ बोलती है यह ख़ामोशी भी ...सुन्दर अभिव्यक्ति

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  31. "ख़ामोशी" ही अब तुमसे मुझको अभिव्यक्त करेगी....
    "ख़ामोशी" ही मेरे शब्दों के बोझ से तुमको मुक्त करेगी....

    एक खामोश दिल की हलचल ....बहुत कुछ कह गई ..

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  32. mano apne dil ki nikli ek abhivyakti aapne abhivyakt kar di...

    lekin me to ab khamosh bhi ho gayi hun fir bhi halaat vahi hain :(

    sunder prastuti.

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  33. ख़ामोशी बहुत कुछ कह गयी आपकी रचना

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  34. बेहतरीन ...... मन के सटीक भाव ....

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  35. ये खामोशी बहुत कुछ कहती है ... इसकी जुबान आवाज़ से ज्यादा तेज़ और गहरी होती है ...

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  36. ख़ामोशी भी कुछ बोलती है.It also communicates.

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  37. ओह! दो दो बार हलचल में आप.
    एक बार सदा जी ने आपको दिल से पुकारा.
    दूसरी बार संगीता जी ने प्यार से दुलारा.
    आपकी 'ख़ामोशी'का भाव बहुत बन गया है न्यारा.

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  38. नही कहूँगी.....कि
    मेरा इक दिन भी ढलता नही
    तुमसे बात किये बिना,
    नही कहूँगी कि मुझे मंजिल नही मिलेगी,
    तुम्हारे साथ के बिना,लाज़बाव रचना।धन्यवाद आहुति जी।

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  39. beautifully thought and described. very nice.

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  40. मैं खामोश रहूँगी....
    सुन्दर प्रेमभावों से सजी उम्दा रचना...

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  41. प्यार की बेहतरीन अभिव्यक्ति ....
    शुभकामनायें आपको !

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  42. खामोशी बोलती है ...सुंदर रचना ।

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  43. सार्थक प्रस्तुति
    मेरे नये पोस्ट पर आप का स्वागत है |

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  44. आपकी पोस्ट के लिए मै बशीर बद्र साहेब का एक शेर पढूंगा........

    मै चुप था तो चलती नदी रुक गई.....
    जुबाँ सब समझते है जज्बात की.....

    बहुत ही उम्दा रचना...... बधाई......

    मनोज

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  45. दिल को छु लेने वाली रचना.

    मगर क्या ख़ामोशी का जवाब ख़ामोशी भी उतना ही प्रभावशाली होता है !!!

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  46. "ख़ामोशी" ही अब तुमसे मुझको अभिव्यक्त करेगी....
    "ख़ामोशी" ही मेरे शब्दों के बोझ से तुमको मुक्त करेगी...

    ....बहुत खूब ! खामोशी की भी एक जुबां होती है...बहुत भावपूर्ण प्रस्तुति...

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  47. Hello! I just would like to give a huge thumbs up for the great info you have here on this post. I will be coming back to your blog for more soon.

    From everything is canvas

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