Friday, 13 May 2011

समझ तुम भी नही पाये.....!!!

मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये
मेरे ख्याल जब शब्दों में ढलते है
 उन शब्दों में जिक्र तुम्हारा ही होता है 
मेरी कवितायों को पढ़ तुम भी नही पाये 
मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये...!!! 

मेरी मुस्कराहटो में छिपे हुए दर्द
समझ तुम नही पाये 
मेरी जिन्दगी में कोई कमी है
ये महसूस कर तुम भी नही पाये 
तुम्हारी धडकनों के साथ मेरी धड़कने धड़कती है
जो सुन तुम भी नही पाये...

मेरी खामोश आखें  कहती रही 
जो सुना नही तुमने कभी 
मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये...!!! 









38 comments:

  1. मेरी खामोश आखें कहती रही
    जो सुना नही तुमने कभी
    मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये...!!!

    khamosh aankhe bahut kuchh kah jatee hai..:)

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  2. बहुत बढ़िया बात कही आपने.

    सादर

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  3. मेरी मुस्कराहटो में छिपे हुए दर्द
    समझ तुम नही पाये
    मेरी जिन्दगी में कोई कमी है
    ये महसूस कर तुम भी नही पाये
    तुम्हारी धडकनों के साथ मेरी धड़कने धड़कती है
    जो सुन तुम भी नही पाये...ab kya karun gila kerke

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  4. DIL KA DARD BYAN KARTI KAVITA. . . . . . . JAI HIND JAI BHARAT

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  5. वाह!!!वाह!!! क्या कहने, बेहद उम्दा

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  6. kya baat hai Sushma G
    jannat hi loot li aapne

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  7. 'तुम्हारी धडकनों के साथ मेरी धड़कने धड़कती हैं

    जो सुन तुम भी नहीं पाए '

    ....................वाह सुषमा जी !

    विह्वल प्रेम की व्याकुल रचना .....क्या कहने

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  8. बेहतरीन भावाव्यक्ति!

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  9. मेरी कवितायों को पढ़ तुम भी नही पाये
    मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये...!!!
    ............


    वह आप लिखना जरी रखें..ये उनकी बदकिस्मती की समझ नहीं पाए

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  10. उन शब्दों में जिक्र तुम्हारा ही होता है
    मेरी कवितायों को पढ़ तुम भी नही पाये
    मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये...!
    sunder

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  11. बहुत बढ़िया बात कही आपने| बेहतरीन भावाव्यक्ति|

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  12. मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये...!!!

    शायद हम अपने घरों में भी इसी अहसास से दो-चार होते रहते हैं ।

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  13. बहुत सुंदर पोस्ट बधाई |

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  14. अति सुंदर अभिव्यक्ति है, बधाई

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  15. कित्ती खूबसूरत है यह रचना..बधाई.
    _____________________________
    पाखी की दुनिया : आकाशवाणी पर भी गूंजेगी पाखी की मासूम बातें

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  16. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति| धन्यवाद|

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  17. बहुत सुन्दर,

    मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाय

    बेहतरीन भावाव्यक्ति

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  18. सुँदर भावनात्मंक अभिव्यक्ति . आभार इस सुँदर रचना के लिए.

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  19. सुन्दर अभिव्यक्ति है!
    निरंतर लिखती जाओ।
    निखार आता जाएगा रचना में!

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  20. भावों को खूबसूरती से सहेजा है ..सुन्दर रचना

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  21. http://aduanapt.blogspot.com/

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  22. मेरी मुस्कराहटो में छिपे हुए दर्द
    समझ तुम नही पाये
    सुन्दर अभिव्यक्ति .....

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  23. सुन्दर भावों से सजी...........अच्छी लगी आपकी कविता

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  24. दिल का दर्द बयां करती सुंदर रचना !

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  25. दिल की बातों को कहती हुई बहुत ही भावपूर्ण रचना

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  26. सुंदर कविता आपको बधाई और शुभकामनाएं |

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  27. चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी प्रस्तुति मंगलवार 17 - 05 - 2011
    को ली गयी है ..नीचे दिए लिंक पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया ..

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  28. खामोशियों की जुबां को पढ़ पाना हर एक के बस की बात नहीं उसके लिये उतना ही संवेदनशील हृदय चाहिये ! बहुत खूबसूरत रचना ! बधाई एवं शुभकामनायें !

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  29. खामोशियों को समझने वाले कम ही होते हैं

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  30. bahut kuch tumse kehne ki tamanna dil main rakhte hain
    , magar jab saamne aate hot o kehna bhool jate hain,

    lekin khamoshi ki juban bahut hi majboot hoti he,
    log samjahte to hain,

    sundar prastuti ! badhai kabule

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  31. मेरी मुस्कराहटो में छिपे हुए दर्द
    समझ तुम नही पाये
    मेरी जिन्दगी में कोई कमी है
    ये महसूस कर तुम भी नही पाये
    तुम्हारी धडकनों के साथ मेरी धड़कने धड़कती है
    जो सुन तुम भी नही पाये...
    बहुत खूब ... दिल के जज्बातों को शब्द दिए अहीं .... लाजवाब लिखा है ...

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  32. मेरी खामोश आखें कहती रही
    जो सुना नही तुमने कभी
    बहुत सुंदर..

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  33. मेरी कवितायों को पढ़ तुम भी नही पाये
    मेरी खामोशियो को समझ तुम भी नही पाये...!!!

    सुंदर कविता आपको बधाई और शुभकामनाएं

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