Saturday, 12 May 2012

माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है.....!

कहते है की हर किसी के साथ ईश्वर नही आ सकता था 
तो उसने सबके लिए 'माँ' को बना दिया.....!!!


हमारी हर गलती को माफ़ कर देती है                   
हर मुस्किल में हमारा साथ देती है 
सवाल मुझसे करे कोई जवाब वो देती है 
हम हमेशा बच्चे है उसकी नज़र में 
माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है.....!!

हमें प्यार देती है 
दुलार देती है 
अपने त्याग और संघर्ष से
हमारा जीवन संवार देती है 
हमारे सपनो को पूरा करने के लिए 
अपनी सारी उम्र गुजार देती है 
माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है...!!! 

37 comments:

  1. बहुत सुन्दर, सही मायने में सिर्फ माँ ही है जो दर्द को समझती है, ईश्वर का स्थान भी माँ ke बाद आता है!

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  2. बहुत अच्छा लिखा आपने!

    सादर

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  3. MAM APNE MAA KE BARE ME JO BTAYA BILKUL SAHI HAI. MAA SACH ME BHAGWAN KA HI RUP HOTI HAI . . . . . . . . . . .ME BHI MAA KE BARE ME KUCH PANKTIYAN JRUR LIKHUNGA. . . . . . . . . . . . . JAI HIND JAI BHARAT

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  4. kahte hain n ... maa ki mahima n jaye bakhaani

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  5. माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है...
    रश्मि प्रभा जी ने सही कहा है
    माँ की महिमा न जाये बखानी जितना कहें उतना कम

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  6. मॉ ही मंदीर मॉ ही पुजा। मॉ से बढ़कर न कोई दुजा।

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  7. Thanks Aahuti ji...for visiting my blog.
    aapne shabdo me Maa ke sath ki Zindagi ka bahut acha prastutikaran likha hai...

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  8. कहते है की हर किसी के साथ ईश्वर नही आ सकता था
    तो उसने सबके लिए 'माँ' को बना दिया.....!!!
    bahut sundar rachna.

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  9. मेरे पास माँ है। पिता नहीं है।
    माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है...

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  10. वाकई बच्चों के लिये माँ ईश्वर का ही साक्षात रुप होती है ।

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  11. माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है..

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  12. माँ कहते हीमाँ से बढ़कर कोई नहीं इस दुनिया में
    बहुत बहुत बहुत सुन्दर रचना! आपकी लेखनी की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है!

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  13. माँ माँ माँ...'माँ' होती है..सुन्दर रचना के लिए बहुत बहुत आभार

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  14. bahut khoob really nice
    http://iamhereonlyforu.blogspot.com/

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  15. माँ को शब्दों में बांधना मुश्किल कार्य है, जिसे सिद्ध करने का आपका प्रयास सराहनीय है. शुभकामनायें.

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  16. Kuputro Jaayeta kwachidapi kumaata na bhawati...

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  17. मातृ दिवस की शुभकामनायें.

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  18. बहुत सुंदर.. मुनव्वर राना की दो लाइनें हैं

    मां मेरे गुनाहों को कुछ इस तरह से धो देती है,
    जब वो बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।।

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  19. बहुत सुन्दर रचना|धन्यवाद|

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  20. बहुत ही बढ़िया रचना . बधाई।
    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

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  21. माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है.....!
    maa tujhe slam...

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  22. bahut sunder ....
    sach hi likha hai aapne ...!!

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  23. MAA to sirf MAA hai . Bhagwan se bada darja MAA ke alawa kisi ka nahi ho sakta.

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  24. हमें प्यार देती है
    दुलार देती है
    अपने त्याग और संघर्ष से
    हमारा जीवन संवार देती है
    हमारे सपनो को पूरा करने के लिए
    अपनी सारी उम्र गुजार देती है
    माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है...!!

    कोई शब्द नही है । मरे पोस्ट पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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  25. adbhut shabd prawah...
    bahut hi umda likha hai

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  26. बहुत सुन्दर रचना...माँ को नमन .....

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  27. माँ सा कौन हो सकता है.....................
    बस उनका आशीष बना रहे और उन्हें सबका मान मिलता रहे.....

    सुंदर कविता सुषमा जी.
    शुभकामनाएँ

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  28. माँ ने जिन पर कर दिया, जीवन को आहूत
    कितनी माँ के भाग में , आये श्रवण सपूत
    आये श्रवण सपूत , भरे क्यों वृद्धाश्रम हैं
    एक दिवस माँ को अर्पित क्या यही धरम है
    माँ से ज्यादा क्या दे डाला है दुनियाँ ने
    इसी दिवस के लिये तुझे क्या पाला माँ ने ?

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  29. माँ तो सिर्फ 'माँ' होती है...!!!

    ....बिलकुल सच....माँ को नमन...

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  30. sarthak lekhan..... bahut khoob...........

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  31. मातृ दिवस पर बेहद सुन्दर रचना:-)

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  32. क्या कहूँ, "माँ" तो एक महामंत्र है,,,, सारे कष्टों का निराकरण करने वाली...
    नमन सारी माताओं को !!
    अच्छी रचना ....

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