Wednesday, 30 March 2011

कुछ खुबसूरत पंक्तिया....!!!


अब दूरिया कुछ कम होने लगी है,
पहले उनकी नजर हमे देखती थी,
अब कुछ हमशे कहने लगी है
इन हवाओ मे उनकी सांसो की खुशबू का अहसास होने लगा है,
इस तरह छाया है उनकी बातो का जादू कि हर लम्हा खास होने लगा है...!!!




फिर कोई ख्याब देखने का अहसास चाहिये,
 जिससे प्यार मिले ऐसा कोई आस-पास चाहिये,
 जिंदगी तेरी बातो मेँ कुछ खास चाहिये,
 कुछ पल ऐसे हो जिँदगी मे,
जो कुछ और पल जीने की सांसे दे जाये,
 ऐसा विश्रवास चाहिये,
 जिँदगी फिर तेरी आंखो मेँ कुछ खास चाहिये..!!!



यादो से जिँदगी भर प्यार कर सकते है,
पर यादो के सहारे जिँदगी नही गुजार सकते है,
हम अकेले रह सकते है इस बात से,
 खुद को कुछ देर बहला तो सकते है,
पर हर मोङ पर किसी साथी की जरुरत होती है,
इस बात से हम इंकार नही कर सकते है.....!!!


18 comments:

  1. "इस तरह छाया है उनकी बातो का जादू कि
    हर लम्हा खास होने लगा है...!!!"

    आपके हर लम्हे की खासियत इसी तरह बनी रहे.
    आमीन!

    ReplyDelete
  2. बहुत ही उम्दा लिखा है आपने ! हवे अ गुड डे ! मेरे ब्लॉग पर जरुर आना !
    Music Bol
    Lyrics Mantra
    Shayari Dil Se
    Latest News About Tech

    ReplyDelete
  3. नए बिम्बों का बड़ी ही खूबसूरती से भावाभिव्यक्ति में प्रयोग किया है रचना जी....बहुत अच्छी कविता.”

    ReplyDelete
  4. पर हर मोङ पर किसी साथी की जरुरत होती है,
    इस बात से हम इंकार नही कर सकते है.....!!!

    भावनाओं की काव्यमय प्रस्तुति अच्छी बन पड़ी है.

    ReplyDelete
  5. very very nice.....
    जिँदगी फिर तेरी आंखो मेँ कुछ खास चाहिये..!!!

    ReplyDelete
  6. भावनाओं की काव्यमय प्रस्तुति अच्छी बन पड़ी है|धन्यवाद|

    ReplyDelete
  7. वाह क्या बात है
    जिँदगी फिर तेरी आंखो मेँ कुछ खास चाहिये
    बहुत खूब

    ReplyDelete
  8. jo kuch aur pal jeene ki sanse de jaye
    aisa vishwas chahiye..
    Zindgi teri ankho me fir kuch khas chahiye..!!!
    bhut khubsurat...

    ReplyDelete
  9. पर यादो के सहारे जिँदगी नही गुजार सकते है,
    शत प्रतिशत सत्य लेकिन हम है जान कर भी अनजान बने है सारगर्भित रचना , आभार......

    ReplyDelete
  10. पर हर मोङ पर किसी साथी की जरुरत होती है,
    इस बात से हम इंकार नही कर सकते है.....!!!

    बहुत सुन्दर रचना !

    ReplyDelete
  11. बहुत ही उम्दा.
    अच्छे विचार.

    ReplyDelete
  12. उनकी बातो का जादू कि हर लम्हा खास होने लगा है...!!!

    kya baat hai...bahut pyareee rachna..!

    ReplyDelete
  13. प्रिय सुषमा जी
    सादर सस्नेहाभिवादन !

    आपकी रचनाओं में गहरी भावाभिव्यक्ति होती है , जिसमें जीवन की सच्चाई होती है ।

    हर मोङ पर किसी साथी की जरुरत होती है,
    इस बात से हम इंकार नही कर सकते ………!


    बहुत बहुत मंगलकामनाएं हैं …

    नव संवत्सर की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    ReplyDelete
  14. Congrats on INDIAS CRICKET WORLD CUP VICTORY

    ReplyDelete
  15. sundr rchna
    bhut 2 bdhai
    charcha mnach pr sneh dene ke liye hardik aabhar

    ReplyDelete
  16. Nice thoughts
    निरंतर की कलम से .....
    http://www.nirantarajmer.com
    निरंतर कह रहा .......
    http://nirantarkahraha.blogspot.com
    Nirantar's........(English Poems
    http://nirantarajmer.blogspot.com
    अपनी अपनी बातें..........
    http://apniapnibaatein.blogspot.com

    ReplyDelete
  17. पर हर मोङ पर किसी साथी की जरुरत होती है,
    इस बात से हम इंकार नही कर सकते है.....!!!
    सुषमा जी उम्दा भाव ,सुन्दर सार्थक रचना -बधाई हो - आइये आपका हार्दिक स्वागत है हमारे ब्लॉग पर - हम आप के सुझाव व् समर्थन की भी आस लगाये हैं
    एक बात कहूँगा कानपुर में हिंदी तो अच्छी बोली जाती है -थोडा शुद्ध बनायें न जैसे -
    दूरियाँ, हमसे, साँसों, बातों, आँखों , है को भी हैं लिखें जहाँ जरुरत हो
    सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर५
    प्रतापगढ़ उ.प्र.

    ReplyDelete
  18. bhot khub ,bhavneye marmikta sea obhre hea...
    ilmashama blog

    ReplyDelete